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जिंदगी मिलेगी दोबारा





यार सच में यकीन नहीं होता मेरा फिर से पेन चोरी कर लिया इन लोगों ने। आप 2 मिनट वेट करो , नहीं यार मैं मैगी बनाने नहीं जा रही। मैं पापा से पैन मांग कर साइन करके आती हूं आज finally मेरा letter आ ही गया💥। इन दिनों मुझे डाकिया के आने का ठीक उतना ही इंतजार था जितना कि करन अर्जुन की मां को उनके बेटो के आने का था😂।तो चलो letter पढ़  ही लेते है-
"मुझे पता है कल तू आएगी और तुझे आना ही पड़ेगा और बाकी सारी बातें पर मिलकर करेंगे। और इनविटेशन कार्ड मैंने साथ में ही रख दिया है।बाकी बातें मिलकर करते है"
                          -your friend khusi

नहीं मतलब seriously दो लाइन के लिए एक लड़की ने मुझे 2 साल wait करा दिया। वैसे खुश तो मैं बहुत हूँँ, कल खुशी को award दिया जा रहा है।
आज इस इनविटेशन कार्ड को देखकर मुझे उसकी शादी का इनविटेशन कार्ड याद आ गया । कितने खुश थे हम सब कि हमारी friend group  में से एक लड़की औरत जो बनने जा रही थी।हमारी क्लास टॉपर पर एक बार फिर हम सबसे आगे निकल गई है। यह बात अलग थी कि इस बार टॉपिक गृहस्थ जीवन का था।कहने को तो मेरी बेस्ट फ्रेंड थी पर बहन से कम नहीं थी।इसीलिए इतनी कम उम्र में शादी करने के फैसले से मैं तो खुश नहीं थी, पर हां उसकी फैमिली कंडीशन बखूबी समझती थी और जीजू रेलवे मे भी थे।और खुशी भी बहुत खुश थी।उसकी शादी के 1 दिन पहले कि उसकी बातों को तो मैं कभी नहीं भूल पाऊंगी जब वो मुझसे कह रही थी कि -

"दीपा कल मैं किसी और घर में क़दम रखूगी और मुझे अपने इस घर की दहलीज को पार करना पडेगा।नए रिश्ते बनाऊंगी अपने इन अनमोल बंधनों को छोड़कर ।कल किसी के घर की अमानत बनूंगी जो कभी अपने पिता के घर की लक्ष्मी  हुआ करती थी। कल एक बहू बनूगी जो बेटी हुआ करती थी।अब तक वचनों से मुक्त जीवन जीती थी कल सात वचनों में बंध जायूगी।साथ तो कल भी अपने ही होंगे पर चेहरे बदल जाएंगे"

एक बेचैनी तो थी खुशी की बातों में पर शादी के पहले ऐसा तो हर लड़की के साथ होता है।और देखते ही देखते खुशी अपने ससुराल चले गई।याद तो आती थी खुशी की पर फोन में हमारी अक्सर बात हुआ करती थी।शादी को 1 साल होने आए थे सब कुछ सही चल रहा था उसकी लाइफ में। इसी बीच उसने मुझे खुशखबरी दी कि मैं माँसी बन सकती हूँ😌कुछ दिनों बाद खुशी का फोन आना बंद हो गया।मेरा call भी उठाना बंद कर दिया उसने।कुछ दिन महीनों में तब्दील हो गए।

और एक दिन अचानक मैंने खुशी को खुद के सामने अपने घर पर पाया।एकदम हताश और निराश खुशी मेरे सामने खड़ी थी।उसने मुझे गले से लगा लिया और कुछ क्षण तक हम वैसे ही रहे ना उसने कुछ कहा ना मैंने कुछ बोला, लेकिन उसका यह मौन मुझे बेचैन का रहा था।और फिर उसके मौन ने आंसुओं  का रूप ले लिया । मम्मी खुशी के लिए पानी लेकर आई।खुशी में पानी पिया और खुद ही अपने आंसू पोछें। फिर खुशी ने अपनी कहानी बताई कि कैसे किसी और महिला से संबंध की वजह से उसके पति ने का जबरन गर्भपात करा दिया।अपने बच्चे को खोने के बाद खुशी ने अपने पति को तलाक दे दिया।और सब कुछ छोड़ कर अपने मायके वापस आ गई।मां बाप ने भी छोटी बहन का हवाला देते हुए उसका साथ छोड़ दिया। माँ, बेटी, पत्नी ,बहु, सारे रिश्ते ने खुशी का साथ छोड़ दिया ।खुशी की ऐसी हालत देखकर खुशी को जबरन हमने खुद के घर पर रोक लिया । दो दिन लगे उसे ठीक होने में जो शायद बहुत कम समय था, लेकिन शायद उसके अंदर की अबला नारी ने उसे यह साहस  दिया।फिर एक दिन उसने मुझसे कहा कि कौन कहता है एक अकेली लड़की कुछ नहीं कर सकती। यदि ऐसा है तो देख उस सूरज को जो अकेला है लेकिन फिर भी पूरी दुनिया को प्रकाश देता है। इसके बाद शुरू होती है खुशी को खुद को पाने की तलाश शुरू।

फिर खुशी ने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। इसके साथ-साथ वह बच्चों को डांस क्लास भी देने लगी।और उसी पैसे से किराए का कमरा लिया और वहीं पर उसने कोचिंग क्लासेस देना स्टार्ट कर  दिया। खुशी के पढ़ाने का ढंग और उसके कहानी हर किसी को प्रभावित करने लगी।पर उसके सपनों को तब उड़ान मिली जब उसने जिंदगी मिलेगी दोबारा नामक एक NGO join किया
। वह एनजीओ खुशी जैसी हजारों महिलाओं की सहायता के लिए कार्य करता था ।खुशी के प्रयासों से हजारों महिलाओं को उनकी जिंदगी दोबारा मिली।खुशी उस NGO का जाना पहचाना चेहरा बन गई ।अब महिलाएं हिंसा होने पर भगवान को नहीं खुशी को याद करती और खुशी की इसी प्रयासों को देखते हुए कल उससे जनपद पंचायत की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

हां मम्मी आई!मैं भी कहां खो गई?मुझे भी तो जाना है कल खुशी के अवार्ड फंक्शन मे।

आज मेरे अलावा खुशी के सम्मान समारोह में शामिल होने हजारों लोग आए।वो सारी महिलाएं भी आई जिन को खुशी ने जिंदगी का मतलब समझाया।आज खुशी के सम्मान में पूरा हॉल तालियों की आवाज से गूंज गया।धीरे-धीरे तालियों की आवाज कम होने लगी, लेकिन इनके बीच में दो हाथ ऐसे भी थे जिनकी तालियों की आवाज बढ़ती ही जा रही थी। वो थे इस खुशी के मां-बाप!

अब आप बताओ कि खुशी क्या करेगी और आगे की कहानी ही आप ही पूरा कीजिए।मैं तो चली खुशी से बात करने।

Comments

  1. बहुत शानदार दीपा

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  2. पढ़ कर आंखों में आंशू आ गए

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  3. मुझे कहानी पढ़ने से ज्यादा सुनना अच्छा लगता है..
    पर आज पढ़ते हुए भी लगा कि मैं कहानी सुन रहा हूं..
    दिल छु लिया.. ❣️❣️
    Very good.. 👌👌

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    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद🌺

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  4. Maturity to h yrr writing me well done Deepa...

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  5. मुझे लगता है खुशी की कहानी एक अच्छे मुकाम पर आकर पूरी हो गयी है क्यूकी अब उसके लिए कहानी का नही वर्तमान का हिस्सा बनने का समय आगया है👑
    अब खुशी दूसरों के लिए खुशी का कारण है,जमाने भर से लड़कर खुद को साबित करने वाले लोगो के लिए वो अब एक प्रेरणा है 🙏🏻अब खुशी जो दूसरों के लिए खुशी बन चुकी है वो अतीत नही वर्तमान है☝️और अब वो अपने सपनो को समेट कर फिरसे साकार करेगी😊
    और अब लेखिका जो नई कहानी लिखेगी वो खुशी के अतीत की धुंध पर नही वर्तमान और भविष्य के उजालों पर लिखेगी😊😊😊☝️

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    1. Sahi kaha aapne bhaiya ☺️😇m bhi umeed krti hu esa hi ho💥😌

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